कार्यक्रम की मुख्य बातें
- सांस्कृतिक कार्यक्रम
- वेबसाइट लॉन्च
- प्रधानाध्यापक कार्यशाला
अध्यक्ष
बिहार की ज्ञानपरंपरा—नालंदा से विक्रमशिला तक—का प्राण है संस्कृत। हमारा संकल्प है कि इसे जीवंत व आधुनिक बनाकर शिक्षा, कौशल और अनुसंधान से जोड़ा जाए। विद्यार्थी वेद-उपनिषद के साथ-साथ योग, आयुर्वेद, शोध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वैश्विक संवाद में भी संस्कृत का प्रयोग करें।
आइए, ज्ञान की ज्योति से बिहार को पुनः पथप्रदर्शक बनाएं — “ज्ञानस्य दीपः पुनः प्रज्वलितः।”
अध्यक्ष की अद्यतन सूचनाएँ, कार्यक्रमों की फ़ोटो और वीडियो देखने के लिए—
Facebook पेज देखेंपारितोषिक, अधिसूचना, पाठ्यक्रम और अन्य आधिकारिक जानकारी—
वेबसाइट खोलें